10 साल की बच्ची ने गले में दुपट्टा बाँध ले ली जान, आखिर क्या थी वजह? देखे विडियो

दोस्तों दुनियां में रोजाना हर साल कई लाख लोग खुदख़ुशी कर अपनी जिंदगी ख़त्म कर देते हैं. जिंदगी में आने वाली परेशानियों को सहन ना कर सकने की वजह से ये लोग आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं. वैसे देखा जाए तो आत्म हत्या करने वाले ये सभी लोग ज्यादातर 15 वर्ष से ऊपर के ही होते हैं. लेकिन आपको जान हैरानी होगी कि नॉएडा में एक 10 साल की बच्ची ने खुद ही अपनी जिंदगी ख़त्म कर ली. आइए विस्तार से जाने क्या हैं पूरा मामला…

जानकारी के मुताबिक़ नोएडा के सेक्टर-12 के मकान ए-21 में प्रवीन कुमार रावत अपनी फैमिली के साथ रहते हैं. उनकी दो बेटियां भी हैं. 12 साल की बड़ी बेटी सोनल 6वीं क्लास में पड़ती हैं. जबकि 10 साल की मानसी 5वी क्लास में पढ़ती थी. बीते मंगलवार ये दोनों ही बहने कमरे में खेल रही थी. हालाँकि कुछ देर बाद बड़ी बहन सोनल पहली मंजिल पर अपनी दादी के पास चली गई.

इधर मानसी ने ग्राउंड फ्लोर पर ही बने एक कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया. इसके थोड़ी देर बाद जब मानसी ऊपर नहीं आई तो दादी उसे ढूँढती हुई नीचे गई. यहाँ उन्होंने कमरे का दरवाज़ा बंद पाया. जब मानसी को कई आवाजे देने पर भी उसका जवाब नहीं आया तो दरवाजे को धक्का मार अन्दर की कुण्डी तोड़ दी गई. लेकिन इसके बाद घर वालो ने जो नज़ारा देखा वो देख उनके होश उड़ गए. मानसी गले में दुपट्टा बाँध कमरे की खिड़की से लटकी हुई थी. इस घटना के बाद घर वाले मानसी को तुरंत सेक्टर-11 के मेट्रो अस्पताल ले जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

जब इस बात की सूचना पुलिस को लगी तो वो मौकाए वारदात पर पहुंची और मामले का मुआयना किया. शुरुआती जांच और परिवार से पूछताछ से पता चला कि मानसी ने खुद ही कमरे का दरवाजा बंद किया था और फिर चुन्नी को गले में बाँध कमरे की खिड़की से झूल गई. फिलहाल पुलिस ने मानसी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया हैं. ताकि ये पता लगाया जा सके कि क्या ये सच में आत्महत्या ही थी या कुछ और.

इधर मानसी के आत्महत्या करने की वजह भी अभी खुल के सामने नहीं आ पाई हैं. हालाँकि परिवार वालो का कहना हैं कि मानसी और उसकी बहन सोनल के बीच घटना के कुछ देर पहले टीवी के रिमोट को लेकर लड़ाई हुई थी. ऐसा अंदाज़ा लगाया जा रहा हैं कि इस लड़ाई से हतास होकर 10 वर्षीय मानसी ने ये कदम उठाया होगा.

10 साल की उम्र बहुत ही मासूम होती हैं. इस उम्र में जिंदगी की कीमत और उसके मायने पता नहीं होते हैं. बस दिमाग में यहाँ वहां से जो डाल दिया जाता हैं बच्चे उसी के अनुसार हरकतें करने लगते हैं. इस तरह की घटना हमें सिख देती हैं कि हम अपने बच्चों को बचपन से ही जिंदगी की वेल्यु करना सिखाए. साथ ही उन्हें ये भी समझाएं कि लाइफ में कोई भी दुःख आए तो वो सीधा माता पिता से बात करे. इस तरह जल्दबाजी में हतास होकर कोई बड़ा या गलत कदम ना उठाए. बरहाल आप इस पूरी घटना का विडियो यहाँ देख सकते हैं.

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