आज अक्षय तृतीया की सुबह जरूर करे यह छोटी सी पूजा, मिलेगा 1000 गुना फल

दोस्तों आज अक्षय तिरिया है और अक्षय तृतीया मतलब ऐसी तिथि जिसका कभी क्षय न हो। इस अप्पर्व को सभी लोग बड़े ही धूम धाम से मानते है इस दिन शुभ कर्मों का कई गुना ज्यादा फल मिलता है। अक्षय तृतीया के दिन मांगलिक कार्य का विशेष लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि 11 साल बाद अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग  का महासंयोग बन रहा है। इस दिन कोई भी मांगलिक कार्य किया जा सकता है, जिसका विशेष फल मिलेगा।

अक्षय तृतीया को लेकर हिंदुओं में अलग-अलग मान्यता है। कुछ लोगों का कहना है कि वैशाख मास की अक्षय तृतीया को भगवान विष्णु का जन्म हुआ था तो कुछ इसे भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जोड़कर देखते हैं। इसके अलावा भी अन्य धार्मिक मान्यताएं हैं, जिनके आधार पर हिंदू अक्षय तृतीया के दिन पूजा और दान करते हैं। इस साल अक्षय तृतीया का पर्व 18 अप्रैल दिन बुधवार को मनाया जा रहा है|

दोस्तों अक्षय का अर्थ है जो कभी ख़त्म ना हो जिसका कभी क्षय ना हो वो अक्षय कहलाता है, इसलिए इस दिन बहुत ही शुभ और अच्छे कर्म करने चाहिए| क्योंकि इस दिन किये गए कामों का क्षय नहीं होता है| इसदिन पूजा-पाठ, दान पुण्य करना चाहिए| इसदिन सोना-चांदी खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है|

आज हम आपको बताएँगे अक्षय तृतीया की पूजा विधि के बारे में,तो सबसे पहले इस दिन प्रातः काल उठकर गंगा नदी में स्नान कर ले जो लोग गंगा नदी में स्नान न कर सके वो अपने घर पर ही गंगा जल डालकर स्नान करें| माना जाता है की इसदिन गंगा जल से स्न्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है| तत्पश्चात एक लकड़ी की चौक या पट्टा रखकर उसपर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की फोटो स्थापित करें|

इसके बाद लक्ष्मी जी को चन्दन व रोली से तिलक कर अक्षत अर्पित करें, फिर श्वेत कमल या श्वेत गुलाब अर्पित करें माता लक्ष्मी को लाल कमल व लाल गुलाब भी अति प्रिय है| फिर ऋतु फल चढ़ाये और नवैद्य के रूप में जौ, गेहूं, सत्तू, चने की दाल और विष्णु जी को पंचामृत व माता लक्ष्मी को खीर भी प्रिय है| और ध्यान रखे कि भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है, इसलिए अपने पूजा में तुलसी जरूर शामिल करें| इसके बाद धुप, दीप दिखाकर श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी जी की आरती करें|

इसके बाद कथा सुने कथा सुनने और सुनाने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है| इसके बाद हो सके तो ब्राह्मण को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद अवश्य लें, साथ ही जरुरत मंदो को फल, बर्तन, खड़ाऊ, चावल, वस्त्र, जल भरा घड़ा, पंखा, नमक, घी, खरबूजा, ककड़ी, चीनी आदि का दान करना बहुत ही लाभकारी होगा|

शास्त्रों में कहा गया है की  इसदिन दान करना बहुत ही आवश्यक है| इससे आपको श्री हरि विष्णु का और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलेगा| इस दिन को दान का महापर्व भी माना जाता है। कहते हैं इस खास दिन पर आप जितना दान-पुण्य करते हैं, उससे कई गुना ज्यादा आपको रिटर्न मिलता है।

इस दिन खास तौर पर तिल, जौ और चावल दान का विशेष महत्व है। इस दिन गरीबों को चावल, नमक, घी, फल, वस्त्र, मिष्ठान्न का दान करना चाहिए। इसके अलावा इस दिन खरबूजा और मटकी का दान करने का भी विशेष महत्व है।