आखिरकार काम कर गई मोदी की रणनीति, बिना युद्ध के ही पाकिस्तान को चटाया धूल, ट्रंप ने उठाया ये कदम

ये बात तो हम सभी जानते ही हैं कि बिते 14 फरवरी को भारत में एक ऐसी घटना घटी जिसकी निंदा दुनियाभर के लोग कर रहे हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि जम्‍मू कश्‍मीर के पुलवामा में 40 सैनिकों की शहादत भारत कभी नहीं भूल सकता। हर कोई अब जान चुका है कि पकिस्‍तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ सकता है और इस बार की जो गलती है उसे कोई नहीं भूला पा रहा है। यही कारण है कि इस बार पाकिस्तान को इस गलती की सजा बेहद जल्‍द भुगतनी पड़ सकती है। हालांकि पड़ोसी मुल्‍क अब तक ये मानने को तैयार नहीं कि इस आतंकी हमले के पीछे उन्‍हीं का देश शामिल है।

लेकिन दूसरी ओर ये बात भी सच है कि इस घटना के बाद से भारत ही नहीं पूरी दुनिया टेरर के खिलाफ एकजुट होती नजर आ रही है। ये मोदी की विदेश नीति का ही असर है कि दुनिया भर के देश भारत के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां यूएन ने ऐसे देशों और आतंक के दोषियों को कठघरे में लाने की बात कही है तो वहीं अब अमेरिका ने सामने से आकर भारत का साथ देने की बात कही है।

जी हां, दरअसल इन सबके बाद आज पुलवामा अटैक को लेकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का एक बड़ा बयान आया है। ट्रंप ने कहा कि कश्‍मीर में आत्‍मघाती हमले के बाद भारत बहुत सख्‍त कदम उठाने की सोच रहा है। शुक्रवार को ओवल ऑफिस में ट्रंप ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत खराब हालात हैं। उन्‍होंने कहा कि उम्मीद है कि कश्मीर घाटी में अशांति की स्थिति जल्द ही खत्म होगी। ट्रंप ने कहा कि भारत इस हमले के बाद वह बहुत सख्त कदम उठाने की सोच रहा है।  यह साल 1989 में जम्मू एवं कश्मीर में अलगाववादी अभियान शुरू होने के बाद एक दिन में सुरक्षा बलों पर किया गया सबसे बड़ा हमला था।

ट्रंप ने आगे कहा कि हाल के दिनों में अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को सुधारा है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ अधिकारी स्‍तर की वार्ता की तैयारी की जा रही है। उन्‍होंने कहा कि मैंने पाकिस्तान को 1.3 अरब डॉलर की सहायता रोक दिया है, जो हम उन्हें पहले देते थे। मैंने यह भुगतान रोक दिया क्योंकि वे हमारी उस तरह से मदद नहीं कर रहे थे जैसी उन्हें करनी चाहिए।

वहीं ये भी बता दें कि यूएन के स्‍थायी और अस्थायी देश हों या फिर दुनिया भर के दूसरे देश, हर कोई टेरर के खिलाफ सभी भारत के साथ ही नजर आ रहे हैं । चीन भी टेरर के मसले पर पहली बार भारत को समर्थन देता नजर आया । वहीं ट्रंप की ओर से उठाए कदम भी भारत के लिए पॉजिटिव संकेत है ।

यह भी पढ़ें :

पुलवामा अटैक में शहीदों के परिवार के लिए इस लड़के ने 6 दिन में जमा कर डाले 6 करोड़ रुपए

मुकेश अंबानी ने पाकिस्तान से पुलवामा का लिया ऐसा बदला कि जीवनभर भूल नहीं पाएगा पाक

पुलवामा में शहीद हुए जवानों को याद करके जब रोने लगे सीएम योगी आदित्यनाथ