अभी अभी: हार्ट अटैक आने से बीजेपी के इस नामी नेता का निधन, भाजपा में शौक की लहर

दोस्तों आज के जमाने में जिंदगी का कोई भरोसा नहीं हैं. कब किसे क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता हैं. अचानक आने वाली मौत की कई वजहे हो सकती हैं. जिसमे दुर्घटना और कोई गंभीर बिमारी भी शामिल हैं. यदि बिमारियों से अचानक हुई मौत की बात करे तो इसमें दिल के दौरे यानी कि हार्ट अटैक का नंबर सबसे पहले आता हैं. पिछले कुछ दशको में दिल का दौरा पढ़ने की वजह से कई सारी मौते हुई हैं. इसी हार्ट अटैक की वजह से इस बार भाजपा ने अपना एक बहुत बहुत अच्छा सदस्य खो दिया.

दरअसल राजस्थान भाजपा पार्टी के वरिष्ठ विधायक धर्मपाल चौधरी के अचानक निधन हो जाने की वजह से पूरी पार्टी में शौक की लहर छाई हुई हैं. 65 वर्षीय धर्मपाल की तबियत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी. इसी के सिलसिले में वे 20 दिनों से गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में भी भर्ती थे. लेकिन आज (गुरुवार) तड़के की सुबह उन्हें दिल का दौरा आया और वे इस दुनियां को अलविदा कह चले गए.

धर्मपाल चौधरी मुंडावर विधानसभा सीट से 3 बार विधायक रह चुके थे. यहाँ के जाट समाज में उनका काफी मान सम्मान था. इतना ही नहीं पिछली बार की वसुंधरा राजे सरकार के समय वे बतौर संसदीय सचिव भी रहे थे. निधन के बाद उनके शरीर को अंतिम संस्कार के लिए  उनके पैतृक गाँव  जाट बहरोड़ लाया गया. यहाँ पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खुद आए और उन्होंने चौधरी जी के शव पर पुष्पचक्र अर्पित किया. चौधरी के अंतिम संस्कार के दौरान भाजपा के और भी कई सदस्यों का जमावड़ा लगा रहा. हर कोई चौधरी जी के इस अचानक हुए निधन से काफी दुखी नज़र आया.

चौधरी जी की निजी जिंदगी के बारे में बात की जाए तो उनका जन्म 4 जुलाई 1954 को जाट बहरोड़ नमक गाँव में हुआ था. वे 12वीं कक्षा तक पढ़े थे. धर्मपाल चौधरी अपने काम के प्रति काफी सजग रहते थे. उनका प्रदेश के जाट समुदाय में काफी गहरा प्रभाव था. वे जहाँ भी जाते थे लोग उन्हें मान सम्मान देते थे. धर्मपाल की मौत की वजह से राजस्थान भाजपा की राजनीती को बड़ा झटका लगा हैं.

बताते चले कि इसके पहले फ़रवरी में भाजपा विधायक कल्याण सिंह दुनियां को अलविदा कह गए थे. साथ ही बीते वर्ष अगस्त में विधायक कीर्ति कुमारी का भी निधन हुआ था. उस दौरान कीर्ति की मौत स्वाइन फ्लू की वजह से हुई थी. इसी कड़ी में बीते वर्ष अजमेर के सांसद सांवरलाल जाट और अलवर सांसद महंत चांदनाथ का भी निधन हुआ था. चुकी सांसद सांवरलाल जाट और विधायक धर्मपाल चौधरी दोनों की ही प्रदेश के जाट लोगो में अच्छी पकड़ थी इस लिहाज से भाजपा को इन दोनों नेताओं के निधन से काफी नुकसान हुआ हैं.

धर्मपाल चौधरी के निधन के बाद मुंडावर विधानसभा सीट खली हो चुकी हैं. ऐसे में अक्टूबर को उपचुनाव भी होने वाले हैं. इसमें भाजपा को दुबारा सीट मिलने के आसार कम ही नज़र आ रहे हैं. दरअसल इसके पहले भी जब कीर्ति कुमारी, महंत चांदनाथ व सांवरलाल जाट का निधन हुआ था तो उपचुनावों के बाद इन तीनो ही सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल कर ली थी.