शनिदेव और सूर्यदेव का ये ख़ास उपाय करे साथ में, भाग्य होगा प्रबल.

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दोस्तों इस बात में कोई शक नहीं कि इस दुनियां में सारा खेल भाग्य का ही होता हैं. यदि आपका भाग्य अच्छा हो तो एक गरीब आदमी भी महलो में रहने लगता हैं वहीं यदि भाग्य खराब हो तो करोड़पति व्यक्ति भी रोडपति बन जाता हैं. भाग्य का अच्छा या बुरा होना समय के साथ बदलता रहता हैं. लेकिन आप चाहे तो अपनी मर्जी के अनुसार भी अपना भाग्य प्रबल बना सकते हैं. इसके लिए आपको सिर्फ कुछ विशेष देवी देवताओं को प्रसन्न करना होता हैं. भगवान के पास ये पॉवर होती हैं कि वे आपके भाग्य को कई गुना प्रबल बना सकते हैं. जिसके बाद आपके सभी काम बड़ी आसानी से एवं जल्दी हो जाते हैं.

इसी कड़ी में आज हम आपको शनिदेव और सूर्यदेव का एक अनोखा उपाय बताने जा रहे हैं. आपकी लाइफ में जितनी भी परेशानियाँ चल रही हैं या राशि में ग्रहों का बुरा अप्रभाव चल रहा हैं इन्हें दूर करने के लिए शनिदेव बेस्ट होते हैं. वहीँ सूर्यदेव अपने तेज़ प्रकाश के लिए जाने जाते हैं. ये अपनी किरणों की रौशनी से आपके जीवन को भी रोशन कर सकते हैं. आसान शब्दों में कहे तो सूर्यदेव आपके भाग्य को प्रबल बनाने का काम कर सकते हैं. ऐसे में यदि आप शनिदेव और सूर्यदेव का ये उपाय साथ में करे तो आपको कई चौकाने वाले फायदे हो सकते हैं. जहाँ एक तरफ सूर्यदेव आपकी बंद किस्मत के ताले खोलते हैं तो वहीँ दूसरी ओर शनिदेव आपकी लाइफ में मौजूद समस्याओं से निपटने का काम करते हैं.

शनिदेव और सूर्यदेव का ये उपाय चमका देगा किस्मत

शनिवार की रात शनिदेव की प्रतिमा के सामने एक काला कपड़ा बिछा दे. इस काले कपड़े के ऊपर पानी से भरा तांबे का लौटा रखे. इस लौटे के किनारों पर अंदर 5 आम के पत्ते जमाए और उसके ऊपर एक नारियल रख दे. अब शनिदेव को तिल के तेल का एक दीपक लगाए. यदि घर में तिल का तेल ना हो तो कोई दूसरा तेल भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं. अब शनिदेव की आरती करे. आरती समाप्त होने पर पहली आरती इस तांबे के लौटे को दे और दूसरी स्वयं ले. अब शनिदेव के सामने माथा टेक उन्हें अपने जीवन की परेशानियों से अवगत कराए. इसके बाद सभी सामग्रियों को शनिदेव के सामने ही रहने दे.

अगले दिन यानी की रविवार की सुबह स्नान करने के पश्चात उस तांबे के लौटे से आम के पत्ते और नारियल निकाल दे. अब इसी लौटे से सूर्यदेव को जल समर्पित करे. इसके बाद सूर्यदेव की अपने स्थान पर घूमते हुए 11 परिक्रमा दे. अब उनसे अपने भाग्य को प्रबल बनाने की विनती करे.

इसके बाद आप ने शनिदेव के सामने जो काला कपड़ा बिछाया था उसे किसी पीपल के पेड़ की टहनी पर बाँध दे. जो आम के पत्ते इस्तेमाल किए थे उन्हें किसी जलाशय में बहा दे. जो नारियल उपयोग में लाए थे उसे फोड़कर घर के सभी सदस्य प्रसाद के रूप में खा ले. इस बात का ध्यान रहे कि इस नारियल को सिर्फ घर के ही सदस्य खाए, कोई बाहर का व्यक्ति ना खाए.

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