इस महाशिवरात्रि पर इन 15 छोटे चमत्कारी शिव मंत्र का करें जाप, जीवन से हर संकट होगा दूर

भारतीय संस्कृति में एक समय ऐसा था, जब एक साल में 365 त्यौहार होते थे। दूसरे शब्दों में, उन्हें बस वर्ष के हर दिन उत्सव मनाने का एक बहाना चाहिए होता था। इन 365 त्यौहारों को अलग-अलग कारणों और जीवन के अलग-अलग उद्देश्यों से जोड़ा गया। ऐतिहासिक घटनाओं और जीतों का जश्न मनाया जाता था। जीवन के खास मौकों जैसे फसल कटाई, फसल बोने और पकने के समय भी त्यौहार मनाए जाते थे। हर ‍मौके के लिए एक त्यौहार होता था। मगर महाशिवरात्रि का महत्व बिल्कुल अलग है।महाशिवरात्रि 2019 इस बार 4 मार्च को मनाई जाएगी। भगवान शिव की आराधना के लिए इस पर्व का विशेष महत्व है।

महाशिवरात्रि का महत्‍व

शिवरात्रि हर महीने आती है, लेकिन महाशिवरात्रि साल में केवल एक ही दिन फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन आती है। महाशिवरात्रि का महत्व शिव महापुराण में विस्तार से बताया गया है। शिव-पार्वती विवहा पर्व को महाशिवरात्रि पर्व के रूप में मनाया जाता है। महाशिवरात्रि’ के दिन शिवजी और माता पार्वती विवाह-सूत्र में बंधे थे। पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि में भगवान शिव, शिवलिंग (प्रतीक) के रूप में प्रकट हुए थे।

पहली बार शिवलिंग की पूजा भगवान विष्णु और ब्रह्माजी ने की थी। वेदों में शिव को महादेव कहा गया है, महान देवता जो स्वयं ईश्वर ही है। तंत्र में शिव को अपने देवत्व को जागृत करने के लिए शक्ति की, (देवी) की आवश्यकता पड़ती है। गंगाजी को जटाओं में धारण करने वाले शिव जी के सिर पर चंद्रमा, हाथ में त्रिशूल, मस्तक पर त्रिपुंड, कंठ में कालपाश (नागराज), रुद्राक्ष माला से सुशोभित तीन नेत्रों वाले शिव के हाथ में डमरू और पिनाकिन धनुष है।

शिव के स्वरूप

भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले शिवजी को शिवशंकर, शंकर, नीलकंठ, बाबा बर्फानी, भोलेनाथ, महादेव, महकाल, भगवान् आशुतोष, उमापति, महादेव, गौरीशंकर, सोमेश्वर, महाकाल, उमापति, ओंकारेश्वर, वैद्यनाथ, शिव, त्रिपुरारि, सदाशिव तथा अन्य सहस्त्रों नामों से पूजते हैं।

महाशिवरात्रि पर्व पर शिवजी के भक्त उनकी आराधना करते हैं। साथ ही भक्त निर्जला व्रत रखते हैं क्योंकि निर्जला व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। जो भक्त भोले बाबा की आराधना करता है उसे मां पार्वती और भोले त्रिपुरारी दिल खोलकर कर कामनाएं पूरी करते हैं और सभी संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन प्रातःकाल उठकर स्नान करना चाहिए और भगवान शिव को जल अर्पण करना चाहिए। महाशिवरात्रि के पर्व के मौके पर हम आपको 15 ऐसे चमत्कारी मंत्र बता रहे हैं जिनका जाप जीवन में हर तरह की अनुकूलता लाता है। सुख, धन, शांति, नौकरी, सफलता, प्रगति, समृद्धि, संतान, प्रेम, प्रमोशन, विवाह और बीमारी आदि के लिए इन मंत्रों को अवश्य जपें…

चमत्कारी शिव मंत्र

ॐ शिवाय नम:, 2. ॐ सर्वात्मने नम: ,3. ॐ त्रिनेत्राय नम:, 4. ॐ हराय नम:,5. ॐ इन्द्रमुखाय नम:,6. ॐ श्रीकंठाय नम:, 7. ॐ वामदेवाय नम:,8. ॐ तत्पुरुषाय नम:,9. ॐ ईशानाय नम:,10. ॐ अनंतधर्माय नम:,11. ॐ ज्ञानभूताय नम:,12. ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:,13. ॐ प्रधानाय नम:,14. ॐ व्योमात्मने नम:,15. ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:

ऐसा बताया गया है कि इस शिव गायत्री मंत्र के साथ इन मंत्रों का जाप अत्यंत शुभ फलदायक है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।शिव गायत्री मंत्र : ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।।