वो 3 आदत जिनका त्याग करने से आप हमेशा रहेंगे सुखी, नहीं झेलना पड़ेगा कोई दुख

संसार का नियम है, जहां सुख है वहाँ दुख भी है, मगर बावजूद इसके मनुष्य समय के साथ साथ इतना ज्यादा लोभी होता चला गया की उसे खुद के सिवा और कुछ भी नही दिखाई देता है, साथ ही उसने अपने अंदर ऐसी कई सारी आदतें भी अपना ली जो उसकी तरक्की मे बाधक सिद्ध होते है। बताना चाहेंगे की जीवन में कुछ ऐसे काम भी होते हैं जिनके कारण इंसान को अपने जीवनकाल में कई दुःख झेलने पड़ते हैं, लेकिन यदि आप इन 3 कर्मों का समय रहते अपने जीवन से त्याग कर दे तो आप बहुत कुछ पा सकते है।

सबसे पहले और सबसे सामान्य सी आदत जो तकरीबन हर असफल इंसान में होती है वह है आलस्य, बता दे की जो व्यक्ति आलस्य का रोना रो कर खुद को दोष देते हैं, पछताते हैं वो कभी अपने जीवन में सफल नहीं हो सकते। समय बर्बाद करना, काम में मन नहीं लगाना, जरूरत से ज्यादा सोना इस तरह की तमाम आदतें आलस्य हि कहलाती हैं। आपको बता दे की जीवन में आलस्य से ज्यादा खतरनाक और अधिक ताकतवर शत्रु दूसरा नहीं होता। आलस्य किसी भी प्राणी के जीवन को बर्बाद कर देता है।

दूसरी बात है नफरत, बताना चाहेंगे की दूसरों से नफरत करना जीवन का सबसे बुरा काम है। नफरत एक ऐसी चीज़ है जिसकी वजह से इंसान दूसरों के साथ-साथ खुद को भी दुख पहुंचाता है। किसी के खिलाफ नफरत भरी बातें बोल्न या नफरत फैलाने से वह समझता है कि उसको कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन वक़्त के साथ उसकी बातों का आंजम उसे भी भुगतना पड़ता है।

तीसरी बात है स्वार्थ, स्वार्थी इंसान के अंदर स्वार्थ सबसे बड़ा दोष होता है फिर चाहे वह भले ही कितना बड़ा व्यक्ति क्यों ना हो। स्वार्थी इंसान हमेशा सिर्फ और सिर्फ अपने बारे में सोचता है भले ही उसके स्वार्थ से सामने वाले को कितना बड़ा नुकसान क्यों ना हो रहा हो। स्वार्थ जीवन के ऐसे कोने में छुपा होता है जिसे स्वार्थी इंसान खुद भी पहचान नहीं पाता और उसको दूर नहीं कर पाता। इसलिए बताना चाहेंगे की स्वार्थ को छोड़ देने में ही भलाई है क्योंकि स्वार्थ इंसान की असफलता, असंतुष्टि और अहंकार का कारण बंता है।